होली रंगन का त्योहार बलम जी खेलन जइबे आज ।
सात मेर के रंग मंगइबे, बीच आँगन मा कुंड खोदैबे
रंग देब घुलवाय, बलम जी खेलन जइबे आज
होली रंगन ...
सखियाँ सहेली सबै बोलैबे, बीच आँगन म तुम्हें घेरैबे
तुमका देब गिराय, बलम जी खेलन जइबे आज
होली रंगन ...
चाहे पिया भागो,चाहे लुकाओ, चाहे जेतना तुम शोर मचाओ
रंग मा देब डुबाय, बलम जी खेलन जइबे आज
होली रंगन...
भाँग पीस शर्बत बनवैबे, लौंग इलायची सौंफ मिलैबे
तुमका देब पिलाय, बलम जी खेलन जइबे आज
होली रंगन ...
गुझिया गुलगुला रची के बनैबे, सखा सहेलिन ख़ूब खिलैबे
गठरी देब बँधाय, बलम जी खेलन जइबे आज
होली रंगन...
ढोल मजीरा ख़ूब बजैबे, नाच गाय तुमका दिखलैबे
फगुआ देब सुनाय, बलम जी खेलन जइबे आज
होली रंगन...
**जिज्ञासा सिंह**
