जिज्ञासा के गीत
इस ब्लॉग में मैंने स्वरचित लोकगीतों को उद्घृत किया है ,जो उत्तर भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा हैं -
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विवाह में प्रकृति का निमंत्रण (अवधी बियाहू गीत)
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विवाह में प्रकृति का निमंत्रण (अवधी बियाहू गीत)
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मेड़े मेड़े घुमि घूमि पौध लगाँवव, पौध जे जाय हरियाय । उपरा से झाँकय सुरज की जोतिया, नीचे धराति गरमाय ।। आओ न सुरजा चौक चढ़ि बैठौ...
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