जिज्ञासा के गीत
इस ब्लॉग में मैंने स्वरचित लोकगीतों को उद्घृत किया है ,जो उत्तर भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा हैं -
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मेरी सौ सौतानियाँ
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तर्ज: नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया साजन को घेरे रहती हैं, मेरी सौ सौतनियाँ । देख देख मैं जल भुन जाऊँ, सुलगूं बन अगिनिय...
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